मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय मतदाता दिवस की बधाई दी और युवाओं से किया यह आह्वान / छत्तीसगढ़ की महिला कांग्रेस विधायक व संसदीय सचिव की कोरोना रिपोर्ट आई पाँजेटिव , हुए होम आइसोलेट / घोषणा के छः माह बाद बना नए जिले के लिए सेटअप , अधिकारी सहित 108 कर्मचारी संभांलेंगे नए जिले का काम , पढ़े पूरी खबर / जांजगीर चाम्पा - 25 जनवरी राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर सभी शासकीय कार्यालयों के लिए कलेक्टर ने यह आदेश किया जारी  / गाँजे के काले कारोबार में अब युवतियाँ भी होने लगी है शामिल , दो युवक और दो युवती गाँजे के साथ गिरफ्तार / सक्ती ब्लाक और शहर में सोमवार को क्या रहा कोरोना का हाल , पढ़े अधिकृत जानकारी / जांजगिरी में किराए के मकान पर दम्पत्ति ने फाँसी लगा कर की खुदकुशी , पुलिस जांच में जुटी / छत्तीसगढ़ - दो जिला दो बड़ा सड़क हादसा , दोनो हादसे में 20 से अधिक लोग घायल , पढ़े पूरी खबर / छत्तीसगढ़ - इस वजह से दो सगी बहनों ने जहर खा कर किया खुदकुशी करने का प्रयास / 
छत्तीसगढ़ के इस जिले में लॉक डाउन का दिखने लगा असर , लॉक डाउन के बाद तेजी से गिरा कोरोना का ग्राफ

   cgwebnews.in     61

छत्तीसगढ़ के इस जिले में लॉक डाउन का दिखने लगा असर , लॉक डाउन के बाद तेजी से गिरा कोरोना का ग्राफ
दुर्ग
दुर्ग 18 अप्रैल 2021 - बीते एक सप्ताह में दुर्ग जिले में कोरोना का संक्रमण 22 फीसदी घट गया है। 10 अप्रैल को लगभग 2596 लोगों के एंटीजन टेस्ट किये गए थे इनमें 1259 पाजिटिव मिले। यह कुल आँकड़ों का 48 प्रतिशत था 

17 अप्रैल यानी शनिवार को 3215 लोगों की टेस्टिंग एंटीजन के माध्यम से हुई इनमें 815 पाजिटिव आये यह कुल आँकड़ों का 26 प्रतिशत है। 

बीते चार दिनों के आँकड़े देखें तो संक्रमण का दर क्रमशः 30, 32, 33 एवं 26 प्रतिशत रहा है। इस तरह एंटीजन टेस्ट में हुई क्रमशः गिरावट यह साबित करती है कि लाकडाउन जिले में प्रभावी होता दिख रहा है और कोरोना संक्रमण पर इससे रोक लगी है। 

चूँकि एंटीजन टेस्ट के रिजल्ट मौके पर ही मिल जाते हैं इसलिए इनके नतीजे हर दिन के संक्रमण की स्थिति स्पष्ट रूप से बयान करती है। 

दुर्ग जिले में 06 अप्रैल को लॉक डाउन लगाया गया था। इस दिन 2659 टेस्ट हुए और 529 पाजिटिव हुए। यह कुल मरीजों का 20 प्रतिशत था। अगले दिन यह आँकड़ा 34 प्रतिशत रहा, फिर इसके बाद दो दिनों तक 40 और 41 प्रतिशत रहा फिर अगले दो दिन 48 प्रतिशत तक रहा। इससे यह पता चलता है कि संक्रमण किस तेजी से बढ़ रहा था लेकिन लॉक डाउन ने इसकी गति पर रोक लगा दी।

यदि लाकडाउन नहीं लगाया जाता तो यह प्रतिशत कई गुना बढ़ जाता। इन आँकड़ों से साफ जाहिर है कि लाकडाउन की टाइमिंग बिल्कुल सही थी और इसके नतीजे प्रभावी रहे हैं। 

संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए लाकडाउन है सबसे प्रभावी तरीका- लाकडाउन से वायरस के प्रसार की क्षमता कम हो जाती है क्योंकि जब उसे संक्रमण के लिए नये शरीर नहीं मिलते तो इसके फैलने की दर घटने लगती है। यही वजह है कि दुनिया के सभी देशों में लाकडाउन का उपयोग बड़े समुदाय तक संक्रमण को रोकने के लिए हुआ है।

सोर्स - JSR
Anil Tamboli
अनिल तम्बोली

Administrator

Contact
+91 9340270280 | +91 9827961864

Email : zee24ghante.janjgir@gmail.com

Add : Mahamaya Apartment , Main Road , SAKTI , 495689

https://free-hit-counters.net/